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पिरूल से बनाएं ब्रिकेट, एनडीएमए फंडिंग के लिए तैयार

पिरूल से बनाएं ब्रिकेट, एनडीएमए फंडिंग के लिए तैयार
देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनाग्नि की घटनाओं का एक प्रमुख कारण पिरूल है, जिसे यदि सही तरीके से उपयोग में लाया जाए तो यह समस्या के बजाय एक उपयोगी संसाधन बन सकता है। उन्होंने बताया कि पिरूल से ब्रिकेट (ईंधन के ठोस ब्लॉक) बनाने की पहल को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमए बड़े स्तर पर फंडिंग करने के लिए भी तैयार है। इस दिशा में उन्होंने सभी जनपदों से प्रस्ताव तैयार कर एनडीएमए को भेजने को कहा। डाॅ. असवाल ने यह भी सुझाव दिया कि पिरूल के प्रभावी और बड़े पैमाने पर एकत्रीकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया, जिससे कार्य अधिक तेज, सुरक्षित और दक्ष तरीके से किया जा सके।

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