उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, प्रदेश भर में 71 से ज्यादा सड़कें बंद
देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक साथ ही पहाड़ों पर आफत की बारिश भी शुरू हो गई है. प्रदेश में भारी बारिश के कारण पहाड़ पर जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है. बारिश के कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहा है, जिस वजह से प्रदेश में इस वक्त करीब 71 सड़कें बंद पड़ी हुई है. अभी तक पंतनगर में अब सबसे ज़्यादा 114 मिमी बारिश दर्ज की गई है. भारी के कारण कई जिलों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बताया गया है.
उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही बारिश जनित आपदाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में अगले 48 घंटे अत्यंत संवेदनशील रहने वाले हैं. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं एक अप्रैल से अब तक प्रदेश में आपदा संबंधी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, 23 लोग घायल हुए हैं और 71 सड़कें अभी भी बंद हैं.
9 जुलाई को पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र बारिश के दौर पड़ सकते हैं. इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी वर्षा की आशंका जताई गई है.
मौसम विभाग के प्रमुख अलर्ट:
- 8 जुलाई को 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
- 9 जुलाई को 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
- कई स्थानों पर बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की आशंका
- 10 से 12 जुलाई तक भी पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का क्रम जारी रहने का अनुमान
- मौसम विभाग के अनुसार 14 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
पिछले 24 घंटे में पंतनगर में सबसे अधिक बारिश: मानसून की सक्रियता का अंदाजा पिछले 24 घंटों के वर्षा आंकड़ों से लगाया जा सकता है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में औसत 15.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. सबसे अधिक 113.8 मिलीमीटर वर्षा पंतनगर में रिकॉर्ड की गई.
सबसे अधिक वर्षा वाले प्रमुख क्षेत्र:
- पंतनगर में 113.8 मिमी
- भगवानपुर में 68.0 मिमी
- ऋषिकेश में 54.0 मिमी
- मुक्तेश्वर में 44.8 मिमी
- धनोल्टी में 44.0 मिमी
- नैनीताल में 43.0 मिमी
- चमोली में 36.4 मिमी
- टिहरी में 33.0 मिमी
- चम्पावत में 32.0 मिमी
- लोहाघाट में 31.8 मिमी
प्रदेश में मानसून की गतिविधि को मौसम विभाग ने फिलहाल नॉर्मल श्रेणी में रखा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है.
आपदा का आंकड़ा: बारिश और आपदा संबंधी घटनाओं ने इस मानसून सीजन में अब तक कई परिवारों को प्रभावित किया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2026 से अब तक विभिन्न आपदाओं में 20 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 9 पशुओं की मौत हुई है. 670 छोटे पशुओं की हानि के साथ ही सात मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं. अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और टिहरी जैसे जिले आपदा घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं.
चमोली सबसे अधिक प्रभावित: लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. SEOC की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 71 सड़कें बंद हैं, जिसमें दो स्टे हाईवे, एक बीआरओ रोड, 16 पीडब्ल्यूडी और 52 ग्रामीण/पीएमजीएसवाई सड़कें बंद हैं. सबसे अधिक दिक्कत चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में देखी जा रही है, जहां कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है.
बंद सड़कों का जिलेवार जानकारी:
- चमोली में 19 सड़कें
- पिथौरागढ़ में 15 सड़कें
- बागेश्वर में 11 सड़कें
- नैनीताल में 6 सड़कें
- टिहरी में 6 सड़कें
- देहरादून में 5 सड़कें
- रुद्रप्रयाग में 3 सड़कें
- पौड़ी में 3 सड़कें
- चम्पावत में 2 सड़कें
- अल्मोड़ा में एक सड़क
43 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे: मानसून के बीच चारधाम यात्रा भी जारी है. खराब मौसम के बावजूद लाखों श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं.
- बदरीनाथ धाम में 14,58,572 श्रद्धालु
- केदारनाथ धाम में 13,93,964 श्रद्धालु
- गंगोत्री धाम में 6,85,111 श्रद्धालु
- यमुनोत्री धाम में 6,37,331
- हेमकुंड साहिब में 1,82,461 श्रद्धालु पहुंचे.
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है. नदियों का जलस्तर अभी खतरे से नीचे., राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की दैनिक जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. हालांकि लगातार बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
