“कोई टोटी चुरा रहा है, कोई नल खुला छोड़ रहा है; जनता को खुद आगे आकर ऐसे लोगों को टोकना होगा”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के नजदीक आते ही सूबे की सियासत में तीखे बयानों और सियासी हमलों का दौर चरम पर पहुँच गया है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बुंदेलखंड में जल संकट का मुद्दा उठाए जाने के बाद, अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हर घर नल योजना’ के बहाने ‘टोटी चोरी’ का मुद्दा छेड़कर सियासी माहौल गरमा दिया है।
राजधानी लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाभियान-2026 के दौरान सीएम योगी ने जैसे ही यह बयान दिया, वे खुद भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा।
“कोई टोटी चोरी कर ले जा रहा है…” – सीएम योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार जब जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाती है, तो कई तरह की जमीनी चुनौतियां भी सामने आती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए चुटीले अंदाज में कहा:
“हमने प्रदेश में हर घर नल योजना को आगे बढ़ाया, तो पता लगा कि कोई टोटी ही चोरी कर ले जा रहा है! कोई अन्य प्रकार से उसे नुकसान पहुंचा रहा है। नल खुला है तो पानी बहता ही रहता है। यह नहीं होना चाहिए।”
जनभागीदारी और आदत बदलने की अपील
सीएम योगी ने इस दौरान आम जनता से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा:
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टोकना हमारी जिम्मेदारी: हर घर नल योजना जनता के लिए है। अगर हम किसी को टोटी चोरी करते या नुकसान पहुंचाते देखें, तो उसे तुरंत टोकें।
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पानी की बर्बादी रोकें: यदि कोई नल खुला छोड़कर जा रहा है और पानी बर्बाद हो रहा है, तो नागरिक के तौर पर उसे बंद करना और रोकना हमारी आदत में शामिल होना चाहिए।
बयान के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने
भले ही मुख्यमंत्री का यह बयान ‘हर घर नल योजना’ के तहत पाइपलाइनों और नलों से होने वाली चोरी व नुकसान के संदर्भ में था, लेकिन यूपी की राजनीतिक फिजा में इसके अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि ‘टोटी’ का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले भी काफी उछल चुका है, जिस पर पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी भड़क गए थे। अब चुनाव से ठीक पहले सीएम योगी के इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज कर दी है।
