लखनऊ में ‘जय श्री राम’ की गूँज: योगी सरकार में अब कुल 60 मंत्री, मिशन 2027 के लिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर फोकस
UP कैबिनेट विस्तार: ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच 8 मंत्रियों ने ली शपथ, योगी सरकार में अब कुल 60 मंत्री; जातीय समीकरणों पर फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने राजभवन (जनभवन) के गांधी सभागार में 8 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जैसे ही नवनियुक्त मंत्रियों ने शपथ पूरी की, पूरा सभागार ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
कैबिनेट का नया स्वरूप: प्रमोशन और नए चेहरे
इस विस्तार में दो राज्यमंत्रियों का कद बढ़ाया गया है, जबकि 6 नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है। किसी भी पुराने मंत्री को हटाया नहीं गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि भाजपा आगामी चुनावों से पहले सभी गुटों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलना चाहती है।
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कैबिनेट मंत्री (2): भूपेंद्र सिंह चौधरी (MLC) और मनोज कुमार पांडेय (ऊंचाहार विधायक)।
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राज्यमंत्री – स्वतंत्र प्रभार (2): अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर (दोनों का प्रमोशन हुआ)।
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राज्यमंत्री (4): कृष्णा पासवान (खागा), सुरेंद्र दिलेर (खैर), कैलाश सिंह राजपूत (तिर्वा) और हंसराज विश्वकर्मा (MLC)।
योगी कैबिनेट 2.0 का गणित
इस विस्तार के बाद योगी सरकार में अब मंत्रियों की कुल संख्या 60 हो गई है, जो संवैधानिक रूप से अधिकतम सीमा है। कैबिनेट का ढांचा अब इस प्रकार है:
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कैबिनेट मंत्री: 21 (मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री समेत)
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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): 14
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राज्य मंत्री: 18
सोशल इंजीनियरिंग: जातीय और क्षेत्रीय संतुलन
भाजपा ने इस विस्तार के जरिए अपने कोर वोट बैंक के साथ-साथ नाराज वर्गों को साधने की बड़ी कोशिश की है।
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जाट और गुर्जर: पश्चिमी यूपी को साधने के लिए भूपेंद्र चौधरी और सोमेंद्र तोमर पर भरोसा जताया गया है।
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ब्राह्मण और राजपूत: मनोज पांडेय के जरिए ब्राह्मण और कैलाश सिंह राजपूत के जरिए क्षत्रिय समीकरणों को बैलेंस किया गया है।
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दलित और OBC: कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा के जरिए दलित और पिछड़ा वर्ग की लामबंदी मजबूत की गई है।
मार्च 2024 के बाद दूसरा बड़ा विस्तार
इससे पहले योगी सरकार का विस्तार मार्च 2024 में हुआ था, जिसमें ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जैसे नेताओं को शामिल किया गया था। मौजूदा विस्तार आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
योगी कैबिनेट का ‘जंबो’ विस्तार: 8 नए चेहरे शामिल
| नाम | पद | प्रभाव/क्षेत्र |
| भूपेंद्र चौधरी | कैबिनेट मंत्री | पश्चिमी यूपी के कद्दावर जाट नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। |
| मनोज पांडेय | कैबिनेट मंत्री | रायबरेली से विधायक, अवध-पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण चेहरा। |
| अजीत सिंह पाल | राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) | सिकंदरा से विधायक, अति-पिछड़ा समाज का चेहरा। |
| सोमेंद्र तोमर | राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) | गुर्जर समाज के प्रमुख नेता, पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़। |
| कृष्णा पासवान | राज्य मंत्री | फतेहपुर से 4 बार की विधायक, दलित समाज में गहरी पैठ। |
| सुरेंद्र दिलेर | राज्य मंत्री | खैर (अलीगढ़) से विधायक, युवा दलित चेहरा। |
| कैलाश सिंह राजपूत | राज्य मंत्री | कन्नौज की राजनीति के दिग्गज, राजपूत-पिछड़ा समीकरण। |
| हंसराज विश्वकर्मा | राज्य मंत्री | वाराणसी के कद्दावर नेता, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पुराने सिपाही। |
