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दिल्ली में बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी: देवभूमि के मूल स्वरूप से समझौता नहीं, 10 हजार एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त

 

नई दिल्ली/देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के विशेष सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, अवैध अतिक्रमण, मदरसा शिक्षा और राज्य के विकास जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।

अवैध कब्जों और मदरसों पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि की मूल पहचान को बनाए रखने के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है और लगभग 600 अवैध ढांचे हटाए गए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

मदरसों के लिए नई समय सीमा: 01 जुलाई, 2026 के बाद केवल वही मदरसे चल सकेंगे जो राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम का पालन करेंगे।

250 मदरसे बंद: मानकों को पूरा न करने वाले 250 से अधिक मदरसों को पहले ही बंद किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय कट्टरवादी मानसिकता को रोकने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लिया गया है।

पारदर्शिता के लिए सत्यापन अभियान

आयुष्मान योजना और अन्य योजनाओं में हो रहे खर्च पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राशन कार्ड, आधार और वोटर कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि देवभूमि के देवत्व की रक्षा करना उनका व्यक्तिगत संकल्प है।

विकास के मोर्चे पर उत्तराखंड का दबदबा

मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने कई राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं:

SDG इंडेक्स: सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: राज्य ‘अचीवर्स’ श्रेणी में शामिल हुआ है।

पर्यटन: जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला है।

ऐतिहासिक कानून: समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करना राज्य की बड़ी उपलब्धि है।

कनेक्टिविटी: दिल्ली से देहरादून मात्र 2 घंटे में

परिवहन सुविधाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 से 2.5 घंटे में तय होगी। इसके अलावा देहरादून में रिंग रोड और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के मंदिरों के सौंदर्यीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है।

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