एमडीडीए ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी
देहरादून, 8 जनवरी 2026 – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने क्षेत्र में अनियमित और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन अभियान जारी रखा है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज सिटी फॉरेस्ट पार्क, तरला नागल, सहस्रधारा रोड के पीछे एक निर्माण स्थल पर कठोर कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई
जांच में पाया गया कि विक्रमप्रताप सिंह द्वारा स्वीकृत तीन सिंगल ड्वेलिंग यूनिट के मानचित्रों को जोड़कर फ्लैटों का निर्माण किया गया था, जिससे सेट-बैकों का उल्लंघन हुआ। निर्माण स्थल को पहले सील किया जा चुका था, लेकिन सील तोड़कर निर्माण जारी रखा गया। इस गंभीर उल्लंघन के कारण निर्माण का अशमनीय हिस्सा ध्वस्त किया गया।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन, भूमि उपयोग परिवर्तन और सील तोड़कर निर्माण जैसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
अन्य कार्रवाई के उदाहरण
-
सूरज चौहान द्वारा चौहान मोहल्ला, मेहुवाला में किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण स्थल को सील किया गया।
-
मनीष गुरुंग द्वारा सिनोला फॉरेस्ट सप्लाई रोड में निर्माण स्थल को नियम विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया।
-
अंकित आहूजा द्वारा इंजीनियर एन्क्लेव, जाखन में निर्माण पर कार्रवाई कर सील किया गया।
उपरोक्त सभी कार्रवाइयाँ संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों में सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की गई।
एमडीडीए का संदेश
एमडीडीए ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि पर्यावरण, जल निकासी, यातायात और आपदा जोखिम को भी बढ़ाते हैं। प्राधिकरण भविष्य में नियमित निरीक्षण, शिकायतों की त्वरित जांच और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेगा।
उपाध्यक्ष, एमडीडीए – बंशीधर तिवारी का बयान
“देहरादून क्षेत्र का विकास नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से होना चाहिए। स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन या सील तोड़कर निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। आज की कार्रवाई नियम तोड़ने वालों के लिए स्पष्ट संदेश है। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि निर्माण से पहले सभी अनुमतियाँ लें और भवन उपविधियों का पालन करें।”
सचिव, एमडीडीए – मोहन सिंह बर्निया का बयान
“सभी निर्माण प्रकरणों की तकनीकी और विधिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। आज जिन स्थलों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण हुआ, वे स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध पाए गए। सील तोड़कर निर्माण करना गंभीर अपराध है। एमडीडीए की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और उल्लंघन मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण से पूर्व स्वीकृति लें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।”
