बनारस में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 29 गिरफ्तार; डीमैट अकाउंट के नाम पर ऐसे करते थे फ्रॉड

वाराणसी: शहर में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले 29 साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनमें एक महिला भी शामिल हैं. यह कार्रवाई वाराणसी के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई. साइबर सेल सहित थाना लक्सा और सिगरा के संयुक्त अभियान में अब तक की यह सबसे बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है.
डीसीपी क्राइम सरवन टी ने बताया कि यह सभी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और इंवेस्टमेंट के नाम पर ठगी करते थे. इसके अलावा लोगों को ऑनलाइन इंवेस्टमेंट के अलग-अलग टिप्स देने के नाम पर फ्रॉड वीडियो और गलत टिप्स भेजकर क्यूआर कोड और ऑनलाइन पेमेंट के जरिए अलग-अलग तरीके से पैसे ऐंठते थे. साइबर पुलिस ने दो कॉल सेंटर में की छापेमारी की थी. दोनों जगहों से अंतरराज्यीय गैंग के 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
कैसे करते थे ठगी: डीसीपी क्राइम ने बताया कि एंजल कंपनी में डीमैट अकाउंट खुलवाने के नाम करते फ्रॉड किया जाता था. इनके पास से 54 मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में चेकबुक बरामद किया है. गैंग के 29 सदस्य में एक महिला कर्मचारी भी गिरफ्तार है.
गैंग के एक कर्मचारी के दो से तीन फेक नाम रखते थे, ताकि लोग भ्रम में रहें. फेक नाम से ही लोगों को कॉल किया जाता था. अलग-अलग राज्यों से 27 साइबर कंप्लेन का गैंग से सीधा कनेक्शन सामने आया है. 27 शिकायत में 31 लाख से अधिक रुपए की ठगी की जा चुकी है.
डीमैट खाते के नाम से ठगी: पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह लोग कॉल करने के बाद लोगों को भी यही बताते थे, कि आपका शेयर मार्केट में मुनाफा करने के लिए हम एक्सपर्ट के तौर पर आपके लिए काम करेंगे. डीमैट अकाउंट खुलवाकर उसमें पैसा जमा करवाते थे और शेयर में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट में पैसे डलवाने के बाद उस अकाउंट को बंद करके सारा पैसा विड्रॉ कर लिया करते थे. इसके अलावा लोगों को ऑनलाइन तरीकों से ठगते थे.
