उत्तराखंडदेहरादून

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सीएम धामी सख्त: सुरक्षा के लिए फेंसिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम के निर्देश, केदारनाथ व राजाजी पार्क के विकास कार्यों को मंजूरी

 

देहरादून | 06 जनवरी, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक आयोजित की गई। प्रदेश में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन और संपत्ति की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हॉट स्पॉट मैपिंग और सुरक्षा के आधुनिक उपाय

मुख्यमंत्री ने वन विभाग और जिला प्रशासन को संयुक्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुलदार, बाघ, भालू और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएं:

सुरक्षा उपाय: संवेदनशील गांवों में सोलर फेंसिंग, बायो-फेंसिंग, हनी बी फेंसिंग और वॉच टावर स्थापित किए जाएं।

टेक्नोलॉजी का उपयोग: डिजिटल निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।

हॉट स्पॉट मैपिंग: जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर वन्यजीव संघर्ष के हॉट स्पॉट्स की तत्काल मैपिंग पूरी की जाए।

कचरा प्रबंधन: ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन सख्ती से लागू हो ताकि वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित न हों।

वन्यजीव कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने हाथी और बाघ कॉरिडोर के संरक्षण को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के मार्गों पर एनिमल पास, अंडरपास और ओवरपास के निर्माण को प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही, टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन में पशु चिकित्सकों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।

9 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली हरी झंडी

बैठक में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कुल 9 प्रस्तावों पर सहमति दी गई, जिनमें प्रमुख हैं:

केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य: 6 महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं।

राजाजी नेशनल पार्क: 2 मोटरमार्ग योजनाएं।

रामनगर वन प्रभाग: एक ऑप्टिकल फाइबर केबल प्रस्ताव।

इसके अतिरिक्त, संरक्षित क्षेत्रों की 10 किमी परिधि में उपखनिज चुगान से जुड़े 22 प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) को भेजने का निर्णय लिया गया।

अनुग्रह राशि में हुई बड़ी वृद्धि

प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने बताया कि पूर्व में लिए गए निर्णयों के तहत वन्यजीव संघर्ष में मानव मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, त्वरित कार्रवाई के लिए 93 क्यूआरटी (Quick Response Team) का गठन किया जा चुका है।

पर्यटन और रेस्क्यू सेंटर

मुख्यमंत्री ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वाइल्डलाइफ सेंचुरी और कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्रों में भी कार्य करने के निर्देश दिए। पिथौरागढ़, चम्पावत और रुद्रप्रयाग में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजने की भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में मौजूद रहे:

वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान, बंशीधर भगत, प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ और वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *