BIS स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ‘क्वालिटी कल्चर’ पर दिया जोर, देहरादून में बनेगी देश की 5वीं साइंस सिटी
देहरादून | 06 जनवरी, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता आधारित संस्कृति को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया और राज्य में चल रही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परियोजनाओं की जानकारी साझा की।

BIS: आठ दशकों से भरोसे का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में शुरू हुई भारतीय मानक ब्यूरो की यात्रा आज देश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बीआईएस ने न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया है, बल्कि उपभोक्ताओं में सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ की है। अब मानकीकरण का क्षेत्र ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल डिवाइस और हरित ऊर्जा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों तक विस्तृत हो गया है।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान: ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’
राज्य के उत्पादों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हस्तशिल्प, जैविक कृषि और औषधीय जड़ी-बूटियों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित कर रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प के लिए अनिवार्य बताया।

उत्तराखंड में विज्ञान और नवाचार की नई नीति
मुख्यमंत्री ने राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का विवरण दिया:
विज्ञान एवं नवाचार नीति 2025: राज्य में पहली बार नई विज्ञान और तकनीकी नीति लागू की गई है।
साइंस सिटी देहरादून: भारत और राज्य सरकार के सहयोग से 175 करोड़ रुपये की लागत से देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य गति पकड़ रहा है।
लैब-ऑन-व्हील्स: प्रदेश के हर जनपद में मोबाइल लैब ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ संचालित की जा रही है।
95 ब्लॉकों में लैब: राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में 180 से अधिक विज्ञान और गणित आधारित प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।
महिला प्रौद्योगिकी केंद्र: महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्रों की स्थापना शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा रेस्क्यू मॉडल का भी जिक्र किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। उन्होंने बताया कि इसी मॉडल पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, निदेशक बीआईएस सौरभ तिवारी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी बहल (सेनि) सहित उद्योग और व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

