उत्तराखंडदेहरादून

CAU के 7 साल, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाई अलग पहचान, 700 मैच की मिली मेजबानी, भारतीय टीम और आईपीएल तक पहुंचे खिलाड़ी

 

उत्तराखंड क्रिकेट के लिए साल 2019 बेहद ख़ास रहा जब राज्य के क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई का पूर्ण सदस्य का दर्जा मिला था  राज्य में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड जिसने महज सात सालों में घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने के साथ युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और आईपीएल स्तर तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। अंडर-19 महिला टीम लगातार दो बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी, पुरुष और महिला टीमों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया और उत्तराखंड से कई खिलाड़ी भारतीय टीम व आईपीएल तक पहुंचे। एसोसिएशन ने इन सात सालों की उपलब्धियों को बड़ी धूमधाम से मनाया और अपनी उपलब्धियों को भी साझा किया।
सात साल में उत्तराखंड से निकले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता साफ़ हुआ और उन्हें एक मंच भी मिला। जिसके बनने के बाद कई उपलब्धि उत्तराखंड क्रिकेट के नाम रहीं जिनमें कई खिलाड़ी राष्ट्रिय स्तर तक पहुंचे जिनमें शाश्वत डंगवाल, आदित्य रावत और आदित्य राणा अंडर-19 भारतीय टीम में जगह बनाई। वहीं महिला क्रिकेट में प्रेमा रावत, राघवी बिष्ट और नंदनी कश्यप ने सीनियर भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया। अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में भी उत्तराखंड के शाश्वत डंगवाल और सत्यम बलियान ने जगह बनाई। यह इस बात का संकेत है कि राज्य की प्रतिभाएं अब सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं।
आईपीएल में भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों की धूम
उत्तराखंड क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में आईपीएल में खिलाड़ियों का चयन भी शामिल है। आकाश मधवाल ने मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया, जबकि स्वप्निल सिंह और राजन कुमार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु तथा युवराज चौधरी लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े। महिला क्रिकेट में भी उत्तराखंड की प्रतिभाओं ने पहचान बनाई। प्रेमा रावत, राघवी बिष्ट और नंदनी कश्यप महिला प्रीमियर लीग तक पहुंचीं।
अंडर-19 महिला टीम ने लगातार दो बार जीता राष्ट्रीय खिताब
उत्तराखंड की महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धियों में अंडर-19 टीम का प्रदर्शन खास रहा है। टीम ने 2021-22 और 2022-23 में लगातार दो सीजन चैंपियन बनकर अपनी ताकत दिखाई। टीम की यह उपलब्धि राज्य में खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और उनकी प्रतिभा के चलते मिली है और खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन अब भी जारी है। सीनियर महिला टीम भी दो मौकों पर इस स्तर पर उपविजेता रही है जबकि पुरुष अंडर-23 टीम ने 2023-24 में घरेलू सीरीज में उप विजेता रहकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
रणजी में दो बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंची पुरुष टीम
सात साल के सफर में उत्तराखंड की सीनियर पुरुष टीम ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धा बढ़ाई है। टीम दो बार रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। 2022-23 सीजन में भी टीम ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। 2023-24 में पुरुष अंडर-23 टीम अखिल भारतीय प्रतियोगिता की उप विजेता रही। महिला क्रिकेट में 2023-24 का सीजन भी खास रहा। सीनियर महिला टी-20 और एकदिवसीय टीम दोनों फाइनल तक पहुंचीं, जबकि पुरुष अंडर-23 एकदिवसीय टीम भी फाइनल में पहुंची।
सात साल में 700 से ज्यादा बीसीसीआई मैचों की मेजबानी
खिलाड़ियों की सफलता के साथ क्रिकेट एसोसिएशन ने आयोजन के मोर्चे पर भी अपनी क्षमता दिखाई है। उपलब्धि रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में 700 से ज्यादा बीसीसीआई मैचों की मेजबानी की जा चुकी है। इनमें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, सीनियर महिला टूर्नामेंट, रणजी ट्रॉफी के 50 से अधिक मुकाबले, कूच बिहार ट्रॉफी, वीनू मांकड़ ट्रॉफी, राज सिंह डूंगरपुर ट्रॉफी, सीनियर महिला चैलेंजर ट्रॉफी और महिला क्रिकेट के अन्य राष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल हैं।
खिलाड़ियों के साथ कोच और सहयोगी स्टाफ भी तैयार किए
एसोसिएशन ने सिर्फ खिलाड़ियों तक अपनी गतिविधियां सीमित नहीं रखीं। कोच, अंपायर, वीडियो विश्लेषक, फिजियो और अन्य सहयोगी स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। एनसीए-बीसीसीआई और जोनल क्रिकेट अकादमी के शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। अंपायर प्रमाणन, वीडियो विश्लेषण, कोचिंग, शक्ति एवं फिटनेस प्रशिक्षण और फिजियोथेरेपी से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए क्रिकेट के पूरे तंत्र को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
उत्तराखंड प्रीमियर लीग से स्थानीय खिलाड़ियों को मिला मंच
पिछले दो वर्षों से उत्तराखंड प्रीमियर लीग भी आयोजित की जा रही है। फ्रेंचाइजी आधारित टी-20 प्रतियोगिता के जरिए राज्य के युवा और उभरते खिलाड़ियों को पेशेवर स्तर का मंच मिला है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देना है।
इसके अलावा वरिष्ठ, अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-16 स्तर पर अंतर जिला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं ताकि जिलों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को मंच देकर उन्हें तैयार किया जा सके।
लक्ष्या राई चंदानी को बीसीसीआई नमन पुरस्कार
उत्तराखंड क्रिकेट की उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि लक्ष्या राई चंदानी को मिला बीसीसीआई नमन पुरस्कार है। 2024-25 सत्र में अखिल भारतीय जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। खास बात यह रही कि उन्हें क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, जसप्रीत बुमराह और स्मृति मंधाना के साथ सम्मान मिला।
सात साल में बदली उत्तराखंड क्रिकेट की तस्वीर
बीसीसीआई की मान्यता के बाद बीते सात वर्षों का सफर देखें तो उत्तराखंड क्रिकेट ने सिर्फ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी बढ़ाने तक खुद को सीमित नहीं रखा। खिलाड़ियों को भारतीय टीम और आईपीएल तक पहुंचाने, महिला क्रिकेट को मजबूत करने, जूनियर स्तर पर राष्ट्रीय खिताब जीतने, बड़े घरेलू टूर्नामेंट आयोजित करने और कोचिंग एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को विस्तार देने तक एसोसिएशन ने काम किया है।
इन उपलब्धियों के जरिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड अब राज्य में जमीनी स्तर से लेकर पेशेवर क्रिकेट तक एक मजबूत ढांचा खड़ा किया है और सात साल की उपलब्धियों का यह सफर अब उत्तराखंड के क्रिकेट को अगले स्तर तक ले जाने की तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है।

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