वांगचुक बोले- अनशन नहीं तोड़ूंगा, विपक्ष का समर्थन; CJP ने रखीं 3 बड़ी मांगें
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद भी सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की आवाज संसद में नहीं उठेगी, तब तक वे भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। फिलहाल वे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तंबू और अन्य अस्थायी ढांचे हटाए। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। अफवाहों और फर्जी खबरों को रोकने के लिए कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। प्रतिनिधिमंडल ने तीन मांगें रखीं— सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए और कथित तौर पर NEET विवाद से जुड़े 20 से अधिक मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया।

वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी लंबी बैठक हुई। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। उनके साथ 22 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी अनशन खत्म कर दिया। हालांकि, सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का फैसला दोहराया और पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर सुनवाई करते हुए वांगचुक की स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
उधर, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
