आरटीआई के 20 साल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहतर काम करने वाले 10 अधिकारियों को किया सम्मानित, कहा- “पारदर्शिता लोकतंत्र की आत्मा”
देहरादून | 09 जनवरी, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।
इन अधिकारियों को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए गए अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
आकांक्षा कोंडे: जिलाधिकारी बागेश्वर (तत्कालीन सीडीओ हरिद्वार)।
अभिनव शाह: मुख्य विकास अधिकारी देहरादून।
आयुष अग्रवाल: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी।
डॉ. प्रशांत: उपसचिव, लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड।
एस.एस. चौहान: उप निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा।
राजन नैथानी: अनु सचिव, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग।
ललित मोहन जोशी: प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, पिथौरागढ़।
कमला शर्मा: वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, रामनगर वन प्रभाग।
लियाकत अली खान: मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय।
वेद प्रकाश: जिला विकास अधिकारी, हरिद्वार।
सुशासन और पारदर्शिता का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीआई अधिनियम भारतीय लोकतंत्र की आत्मा और पारदर्शी शासन की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ई-ऑफिस, डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने राज्य सूचना आयोग की दक्षता की सराहना करते हुए बताया कि अब तक 13 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है और वर्तमान में केवल 700 प्रकरण ही लंबित हैं।
दुरुपयोग पर रोक और स्वतः प्रकटीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने आरटीआई के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि:
जिन सूचनाओं की बार-बार मांग की जाती है, उन्हें विभाग अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करें।
नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए ‘स्वतः प्रकटीकरण’ (Proactive Disclosure) को बढ़ावा दें।
आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल और हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं।
उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व
इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त देवन्द्र कुमार आर्य, दलीप सिंह कुंवर, कुशलानन्द और उत्तराखण्ड अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर उपस्थित रहे।
